Tuesday, June 5, 2012

संता बंता ( hot sms )


ज्वेलरी की दुकान में संता की ज़बरदस्त पिटाई हो गई! पता है क्यों?
संता ने सेलस-गर्ल से कहा: आपकी एक एक चीज गज़ब की है! सोने का क्या रेट लोगी!

बंता: बड़े शर्म की बात है, मैं होमोसेक्सुअल हो गया हूँ!
प्रीतो: वो कैसे?
बंता: मैं सिर्फ होम में ही सेक्स करता हूँ!
प्रीतो: शुक्र है मैं ऐसी नहीं हूँ!

नर्स संता से: मुबारक हो आपको जुड़वाँ बच्चे हुए है!
संता: यह तो होना ही था आखिर मैंने कोशिश भी तो दोनों तरफ से की थी!

संता की सेक्स सलाह:
कंडोम को लगाने से पहले कंडोम में एक चम्मच मिर्च का डाल लो! उससे उतेजना और अधिक हो जाती है! क्योंकि देगी मिर्च का तड़का अंग अंग फड़का!!

संता लड़की के बाप से: मैं आपसे आपकी लड़की का हाथ मांगने आया हूँ!
लड़की का बाप: क्यों?
संता: क्योंकि अब मेरे हाथ थक चूका है!

संता: दुनिया का सबसे हिम्मतवाला कोंन है ?
बंता: क्या पता यार!
संता: धोबी किसी के घर में जा कर कह सकता है! साहब मैडम को बोलना कपड़े निकाल कर रखे, मैं अभी आया! 

संता(सुहागरात वाली रात को): मैं शादी से पहले बहुत सी लडकियों के साथ प्यार कर चूका हूँ!
जीतो: तभी मैं बहुत देर से सोच रही थी कि आपको कहीं देखा हुआ है!

वकील: जब मुजरिम ने तुम पर हमला किया तो तुमने कोंन से चीज उठाई हुई थी?
संता: उसकी पत्नी की टाँगे!

संता: दादा जी क्या पढ़ रहे हो?
दादा: इतिहास!
संता: मगर यह तो गन्दी स्टोरी वाली किताब है!
दादा: बेटा पर यह मेरे लिए इतिहास ही है!

यमराज: तुमने पाप पुन्य दोनों किये है, तुम्हें स्वर्ग नर्क दोनों मिलेगे!
संता: वोह कैसे?
यमराज: तुम्हें दो ग्लास शराब मिलेगे और एक लड़की! ग्लास में छेद होगा और लड़की में नहीं!

संता: किसी महान फिलासफर ने कहा है!
मर्द की ताकत का अंदाजा उसके जोर से नहीं होता, लड़की के शोर से होता है!

संता: मैं अपनी पत्नी को चाँद जैसा समझता हूँ!
बंता: पर इतना जरुर याद रखना चाँद पर तुम से पहले 3 लोग चढ़ चुके है और एक कुत्ता भी!

संता: शादी के बाद जिन्दगी कुत्ते जैसी हो जाती है!
जीतो: कुत्ते से क्या मुकाबला करते हो वोह तो एक घंटे तक फसा कर रखता है और तुम्हारी 5 मिनट में ही फट जाती है!

संता: पता नहीं सर के बाल, नीचे के बालों से इतनी जल्दी क्यों सफ़ेद हो जाते है!
बंता: पागल, नीचे के बाल सर के बालों से 14 साल छोटे जो होते है!

एक गन्दी लड़की बनिए के घर से रोते हुए बाहर आई!
संता: क्या हुआ?
गन्दी लड़की: कमीने ने चाय के लिए भी मेरा दूध निकाला!

बंता: तुम्हारे कितने बच्चे हैं?
संता: 18!
बंता: इतने सारे!
संता: हां मैंने अपने ससुर से वादा किया था कि आपकी बेटी को कभी खाली पेट नहीं रखूँगा!

संता की कुत्तिया माँ बनने वाली थी!
संता: भगवान करे कि कुत्ता या कुत्तिया ही हो!
बंता: तुम क्यों टेंशन ले रहे हो! कुत्ता या कुत्तिया ही होंगें!
संता: यार कभी कभी मैं भी पंगा ले लेता था!

बंता: प्रेमी प्रेमिका एक दिन फिल्म देखने गए! अँधेरे में एक मच्छर लड़की की स्कर्ट में गुस गया बताओ मच्छर ने उसे कंहा काटा होगा?
संता: उसके गुप्त अंग पर!
बंता: नहीं लड़के के हाथ पर!

संता: स्कूल की घंटी और लड़की में क्या समानता है?
बंता: पता नहीं!
संता: दोनों में से किसी को भी बजाओ बच्चे ही निकलते है!

संता: तुम्हे कैंसर है तुम सब को एड्स क्यों बताते हो?
बंता: ताकि मेरे मरने के बाद कोई मेरे पत्नी के साथ प्यार न कर सके !

संता: आज घर जाते ही बीवी की पेंटी खोल दूंगा!
बंता: बड़े मूड में हो आज तुम?
संता: मूड की ऐसी की तैसी बहुत टाईट है सुबह गलती से डाल आया था!

संता: कल मैंने अपने पत्नी की याद भुलाने के लिये शराब की बोतल का सहारा लिया!
बंता: फिर क्या हुआ?
संता: होना क्या था मेरा गुप्त अंग उसमे फंस गया!

संता: बिजली की तार और लड़की में क्या फर्क है?
बंता: पता नहीं! संता: दोनों नंगी हो तो जान निकाल देती है!

बंता: लड़कियों के यूरिन में लड़को के यूरिन से ज्यादा बदबू क्यों आती है!
संता: क्योंकि लड़कियों में लड़को की तरहा नीचे दो फिनायल की गोलियां नहीं होती!

बंता: संता बता सकते हो सबसे अच्छी मेडीसिन कौन सी है?
संता: बियाग्रा!
बंता: वो कैसे?
संता: क्योंकि उसका कोई साइड इफेक्ट नहीं है सिर्फ फ्रंट इफेक्ट है!

संता: गरीबी और मज़बूरी पता है क्या होती है?
बंता: नहीं पता!
संता: गरीबी वह है जब कोई लड़की 50 रुपये में अपना सब कुछ देने को तैयार हो जाये और मज़बूरी वह कि लड़के की जेब में सिर्फ 40 रुपये ही हो!

संता: दीपा मेहता ने एक फिल्म लेस्बिंस पर बनाई नाम रखा फायर अब वो गे के ऊपर फिल्म बना रही है सोचो उसका नाम क्या होगा?
बंता: पता नहीं!
संता: बैकफायर!

एक दिन बंता और उसकी पत्नी होटल में खाना खा रहे थे! और सामने संता बैठा हुआ था!
बंता की पत्नी ने बंता को मुर्गी की टांग उठा कर दी!
यह देख कर संता एक दम से बोल पड़ा: अगर मेरी शादी हुई होती तो मेरी भी पत्नी मुझे टांगें उठा उठा कर देती!

संता अपनी सुहागरात की आधी रात में ही पसीने पसीने होकर कमरे से बाहर निकलता है!
बंता: क्या हुआ?
संता: यार यह अकेले बन्दे का काम नहीं है!















संता बंता ( hot sms )


जीतो गुस्से से: ये आपकी शर्ट पर लिपस्टिक का निशान कहाँ से आया?
संता: मैं खुद परेशान हूँ? मैंने तो उस वक़्त शर्ट क्या पेंट भी उतारी हुई थी!

जीतो: कल एक आदमी आया और मेरे साथ सेक्स करके चला गया!
संता: तुमने उसे रोका नही?
जीतो: बहुत कहा रुकने के लिए, बोला कल फिर आऊंगा!

संता: मैं तुम्हारे लिए चूड़ियाँ लाया हूँ!
नौकरानी: आप ही पहना दीजिये!
संता: मुझे तुम्हारा रेस्पोंस पहले पता होता तो मैं पैंटी लेकर आता!

एक बार एक औरत अपने प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती होती है परन्तु प्रसव से पहले वह बहुत जोर से पाद देती है!
आवाज़ सुन कर संता डॉक्टर से पूछता है क्या हुआ?
डॉक्टर कुछ नहीं बच्चा बुलेट मोटरसाईकिल लेकर आ रहा है!

जीतो संता से: एक सांड साल में 300 बार सेक्स करता है, तुम इसका आधा भी नही करते!
संता: ये कहाँ लिखा है के वो 300 बार एक ही गाय के साथ करता है !

जीतो (डेंटिस्ट से): दांत निकलवाने से तो प्रेग्नेंट होना अच्छा है, दर्द तो कम होता है!
डेंटिस्ट: अभी सोच लो क्या करवाना है ताकि मैं कुर्सी उसी हिसाब से सेट करूँ !

संता: आज तुम्हारी छोटी बहन को अपने घर में देख के बहुत ख़ुशी हो रही है!
जीतो: हां जी आपकी ख़ुशी पजामे में से झलक रही है!

एक बार बंता बाईक रोक कर हेलमेट खुजा रहा था एक आदमी ने देखा और हैरान होकर पूछा:
आदमी: हेलमेट उतार के खुजाओ!
बंता: चुप बे जब तेरे पिछवाड़े पर खुजली होती है तो क्या पेंट उतार के खुजाता है!

संता एक लड़की के साथ सेक्स कर रहा था!
संता: क्या तुम्हें एड्स है?
लड़की: नहीं!
संता: भगवान का शुक्र है, मैं नहीं चाहता की मुझे दोबारा एड्स हो जाये!

एक लड़की का मंगेतर मर गया! लड़की लाश को देख कर रोते हुए बोली: अभी तो मैंने कुछ भी नहीं देखा था!
साथ में संता खड़ा था सुन के उसको दिलासा देता हुआ बोला: अभी थोड़ी देर में नहलायेंगे तब देख लेना!

बंता: डार्लिंग, जी करता है तुम्हारी जुल्फों में खो जाऊं, आँखों में बस जाऊं, तुम्हारी बाहों में झूल जाऊं!
प्रीतो: देवानंद ही रहोगे या कभी इमरान हाश्मी भी बनोगे!

संता: तुम मेरी किस चीज़ से ज्यादा खुश हो? लाइफ स्टाइल, कार, पैसा या कुछ और?
जीतो: आप के सेक्स से! आपकी तरह सेक्स करना मोहल्ले में किसी को नहीं आता!

डॉक्टर: क्या सेक्स करते हुए तुम अपने पति का चेहरा देखती हो?
जीतो: एक बार देखा था वो बहुत गुस्से में थे!
डॉक्टर: क्यों?
जीतो: क्योंकि वो मुझे खिड़की से देख रहे थे!

प्रीतो छुटीयों की पैकिंग कर रही थी बंता उससे देखते हुए हँसा और बोला कितनी भोली है, मैं साथ नहीं जा रहा, फिर भी कंडोम ले जा रही है!

संता: प्रीतो, रात और सुहागरात में क्या अंतर है?
प्रीतो: सुहागरात में हम केवल पति के साथ सो सकते है, जब की रात में ऐसी कोई पाबन्दी नहीं होती!

संता: प्रेमिका ऐसी हो की 10 लोगो के बीच खड़ी हो सके! ऐसी भी नहीं जिसे देख कर 10 लोगो का खड़ा हो जाये!

जीतो: आज मेरी सहेली आ रही है हमारे घर पर सोने के लिए, क्या तुम आज के दिन बाहर वाले कमरे में सो जोगे?
संता: एक शर्त पर जब मेरी सहेली आयेगी तो तुम्हें भी बाहर के कमरे में सोना पड़ेगा!

संता: एक बार-गर्ल ने, नाचते-नाचते अपना टॉप निकाल दिया! लोगो ने बहुत तालिया बजाई! उसने एक-एक करके अपने सरे कपड़े खोल दिए!
जब लास्ट में पेंटी खोली तो, किसी ने भी तालिया नहीं बजाई!
बंता: क्यों?
संता: क्योंकि ताली एक हाथ से नहीं बजती!

संता की शादी हुए तो संता ने खूब मिठाई बांटी! जब संता का बच्चा हुआ तो भी संता ने बहुत मिठाई बांटी!
जब 5 साल बाद उसका दाखिला करवाने गया तो 20000 रूपये लग गए तो संता घर आ कर बहुत रोया!
जीतो: जब जब मेरे फटती थी तो बहुत मिठाईयां बांटते थे आज अपनी फटी तो सयापे पिट रहे हो!

बंता: कुछ दिन पहले बिना कपड़ो के लडकियों ने यू.के. और यू.एस.ए में पर्यावरण जागरुकता के लिए रैली निकाली!
संता: हमारे यहाँ तो किसी को पर्यावरण की चिंता ही नहीं है!

बंता: क्या तुम्हरी पत्नी वर्जिन थी, जब तुम्हरी शादी हुई?
संता: कुछ पता नहीं लगा यार, कुछ दोस्त बोलते वर्जिन है और कुछ बोलते वर्जिन नहीं है!

संता: तुम गाना बहुत अच्छा गाती हो!
जीतो: थैंक्स! पर मैं बाथरूम सिंगर हूँ!
संता: तो बुलाओ ना कभी अपने `लाइव कंसर्ट` पर!

संता ने अर्ज किया!
हम अपनी बेबसी और बदकिस्मती का किस्सा किसी को भी ना सुना पाए! बवासीर का ऑपरेशन था और डॉक्टर शौकीन निकला!

एक दिन पप्पू और संता कोठे पर मिले!
पप्पू: पापा, आप यहाँ क्या कर रहे हो?
संता: यार अब 200-300 रुपये के लिए तेरी माँ के नखरे नहीं सहे जाते!

संता ने दोड़ के बस पकड़ी और ड्राईवर से पूछा यह बस तेरी माँ लगती है?
ड्राईवर: नहीं!
संता: तेरी बहन लगती है!
ड्राईवर: नहीं!
संता : तो फिर चड़ने क्यों नहीं देता?

संता रेप करने की कोशिश कर रहा होता है!
लड़की: तुम्हारे रेप करने से पहले मैं मर जांउगी!
संता: मर जाएगी, पर किसी गरीब के काम नहीं आयगी!

संता ने अपनी सगाई तोड़ दी क्योंकि लड़की वर्जन थी!
बंता: तुमने ऐसा क्यों किया?
संता: जो आज तक किसी की नहीं हुई, वोह मेरी कैसे हो सकती है!

संता की सलहा!
जब बारिश हो तो हमे छाते की जगह विस्पर प्रयोग करना चाहिए क्योंकि विस्पर घंटो तक गिलेपन का एहसास नहीं होने देता!

संता: बैंक और ब्रा में क्या समानता है?
बंता: दोनों के अंदर जितना माल जायेगा उतना इंटेरेस्ट ज्यादा!

बंता ने सुहाग रात को बीवी से पूछा: क्या तुम वर्जन हो?
प्रीतो: जी, मगर पीछे से और आप?
बंता: मैं भी, मगर आगे से!























संता बंता


संता बंता 

संता आधी रात को अपनी मोटी बीवी को जगाकर बोला:
घुट-घुट के मरना ठीक है या एकदम से?
बीवी: एकदम से...
संता: तो अपनी दूसरी टांग भी मुझ पर रख दे!

जीतो : अगर मैं गुम हो गयी तो तुम क्या करोगे?
संता: मैं निर्मल बाबा के पास जाऊँगा!
जीतो (खुश होकर): वहां जाकर क्या कहोगे?
संता: बाबा जी, आपकी कृपा हो गयी!

संता ने कैफे में एक लड़की से "आई लव यू" कहा!
लड़की ने चांटा मारा और बोली, "क्या बोला?"
तो संता रोते हुए बोला, "जब तूने सुना ही नहीं, तो चांटा क्यों मारा?"

प्रेमिका ने संता को फ़ोन किया: आज मैं घर में अकेली हूं, आ जाओ!
संता: पगली, तू मेरे घर आ जा! यहां सब लोग हैं, तेरा मन लगा रहेगा!

संता: मैं तुम्हारे साथ शादी नही कर सकता, घर वाले नही मान रहे!
लड़की: तुम्हारे घर में कौन-कौन है?
संता: 1 बीवी और 2 बच्चे!

संता: बंता, अगर मैं तुझे 2 मिनट के लिए प्रधानमंत्री बना दूँ, तो तू क्या करेगा?
बंता (2 मिनट के लिए चुप.): क्या करूँगा? मैग्गी बना दूंगा और क्या!
संता: अच्छा चल 5 साल के लिए बना दिया, तो क्या करेगा?
बंता: मैंने नहीं बनना प्रधानमंत्री, इतनी मैग्गी कौन खायेगा?

प्रीतो: तू जहाँ जहाँ चलेगा मेरा साया साथ होगा.. मेरा साया.. मेरा साया;
बंता: मुझे पहले से ही शक था कि तू भूतनी है!

डॉक्टर: तुम्हारा पति सिर्फ 24 घंटे का मेहमान है;
जीतो: कोई बात नहीं डॉक्टर साहब... जहाँ 24 साल काट लिए वहां 24 घंटे और सही!

प्रीतो: दूल्हे को घोड़ी पर क्यों बिठाया जाता है, दुल्हन को क्यों नहीं?
संता: घोड़ी पर बिठा कर दूल्हे को भागने का आखिरी मौका दिया जाता है!

संता: जल्दी घर आया और उसने अपनी बीवी के साथ किसी और आदमी को बैठा देखा
जीतो: आज तुम जल्दी क्यों आ गए?
संता: ये कौन है!
जीतो: बात बदलने की कोशिश मत करो!
प्रीतो: उठो जी, अलमारी के पास चोर खड़ा है;
बंता: उसके पास हथियार हुआ तो?
प्रीतो: ओह हो घबराओ मत! आपका तो इंश्योरेंस है, पर जेवरात का नहीं!


जीतो: भूकंप आया है और मकान भी हिल रहा है, गिर जायेगा तो?
संता: गिरता है तो गिरने दो, कौन सा हमारा मकान है, हम तो किरायेदार है!

जीतो: देख लेना तुम्हें नरक में भी जगह नहीं मिलेगी!
संता: अच्छा है, मैं भी हर जगह तुम्हारे साथ नहीं जाना चाहता!



संता: तेरा भाई आजकल क्या कर रहा है?
बंता: एक दुकान खोली थी, पर अब जेल में है!
संता: वो क्यों?
बंता: दुकान हथोड़े से खोली थी!


संता: आपका कुत्ता तो शेर जैसा दिखता है, क्या खिलाते हो?
बंता: ये कमीना शेर ही है, प्यार-व्यार के चक्कर में पड़ के शक्ल कुत्ते जैसी हो गयी है!

संता बैंक में पैसे जमा कराने गया!
कैशियर: ये नोट फटा हुआ है, दूसरा दो!
संता: मैं अपने अकाउंट में जमा कर रहा हूँ, फटा हुआ कराऊं या नया, तेरा क्या?

संता दारु पी रहा था!
जीतो: क्या तुम मेरे लिये यह दारु नहीं छोड़ सकते?
संता: पर तुम तो दारु पीती नहीं हो!












































Sunday, June 3, 2012

बेताल पच्चीसी – पहली कहानी


बेताल पच्चीसी पहली कहानी

काशी में प्रतापमुकुट नाम का राजा राज्य करता था। उसके वज्रमुकुट नाम का एक बेटा था। एक दिन राजकुमार दीवान के लड़के को साथ लेकर शिकार खेलने जंगल गया। घूमते-घूमते उन्हें तालाब मिला। उसके पानी में कमल खिले थे और हंस किलोल कर रहे थे। किनारों पर घने पेड़ थे, जिन पर पक्षी चहचहा रहे थे। दोनों मित्र वहाँ रुक गये और तालाब के पानी में हाथ-मुँह धोकर ऊपर महादेव के मन्दिर पर गये। घोड़ों को उन्होंने मन्दिर के बाहर बाँध दिया। वो मन्दिर में दर्शन करके बाहर आये तो देखते क्या हैं कि तालाब के किनारे राजकुमारी अपनी सहेलियों के साथ स्नान करने आई है। दीवान का लड़का तो वहीं एक पेड़ के नीचे बैठा रहा, पर राजकुमार से न रहा गया। वह आगे बढ़ गया। राजकुमारी ने उसकी ओर देखा तो वह उस पर मोहित हो गया। राजकुमारी भी उसकी तरफ़ देखती रही। फिर उसने किया क्या कि जूड़े में से कमल का फूल निकाला, कान से लगाया, दाँत से कुतरा, पैर के नीचे दबाया और फिर छाती से लगा, अपनी सखियों के साथ चली गयी।
उसके जाने पर राजकुमार निराश हो अपने मित्र के पास आया और सब हाल सुनाकर बोला, “मैं इस राजकुमारी के बिना नहीं रह सकता। पर मुझे न तो उसका नाम मालूम है, न ठिकाना। वह कैसे मिलेगी?
दीवान के लड़के ने कहा, “राजकुमार, आप इतना घबरायें नहीं। वह सब कुछ बता गयी है।”
राजकुमार ने पूछा, “कैसे?”
वह बोला, “उसने कमल का फूल सिर से उतार कर कानों से लगाया तो उसने बताया कि मैं कर्नाटक की रहनेवाली हूँ। दाँत से कुतरा तो उसका मतलब था कि मैं दंतबाट राजा की बेटी हूँ। पाँव से दबाने का अर्थ था कि मेरा नाम पद्मावती है और छाती से लगाकर उसने बताया कि तुम मेरे दिल में बस गये हो।”
इतना सुनना था कि राजकुमार खुशी से फूल उठा। बोला, “अब मुझे कर्नाटक देश में ले चलो।”
दोनों मित्र वहाँ से चल दिये। घूमते-फिरते, सैर करते, दोनों कई दिन बाद वहाँ पहुँचे। राजा के महल के पास गये तो एक बुढ़िया अपने द्वार पर बैठी चरखा कातती मिली।
उसके पास जाकर दोनों घोड़ों से उतर पड़े और बोले, “माई, हम सौदागर हैं। हमारा सामान पीछे रहा है। हमें रहने को थोड़ी जगह दे दो।”
उनकी शक्ल-सूरत देखकर और बात सुनकर बुढ़िया के मन में ममता उमड़ आयी। बोली, “बेटा, तुम्हारा घर है। जब तक जी में आए, रहो।”
दोनों वहीं ठहर गये। दीवान के बेटे ने उससे पूछा, “माई, तुम क्या करती हो? तुम्हारे घर में कौन-कौन है? तुम्हारी गुज़र कैसे होती है?
बुढ़िया ने जवाब दिया, “बेटा, मेरा एक बेटा है जो राजा की चाकरी में है। मैं राजा की बेटी पह्मावती की धाय थी। बूढ़ी हो जाने से अब घर में रहती हूँ। राजा खाने-पीने को दे देता है। दिन में एक बार राजकुमारी को देखने महल में जाती हूँ।”
राजकुमार ने बुढ़िया को कुछ धन दिया और कहा, “माई, कल तुम वहाँ जाओ तो राजकुमारी से कह देना कि जेठ सुदी पंचमी को तुम्हें तालाब पर जो राजकुमार मिला था, वह आ गया है।”
अगले दिन जब बुढ़िया राजमहल गयी तो उसने राजकुमार का सन्देशा उसे दे दिया। सुनते ही राजकुमारी ने गुस्सा होंकर हाथों में चन्दन लगाकर उसके गाल पर तमाचा मारा और कहा, “मेरे घर से निकल जा।”
बुढ़िया ने घर आकर सब हाल राजकुमार को कह सुनाया। राजकुमार हक्का-बक्का रह गया। तब उसके मित्र ने कहा, “राजकुमार, आप घबरायें नहीं, उसकी बातों को समझें। उसने देसों उँगलियाँ सफ़ेद चन्दन में मारीं, इससे उसका मतलब यह है कि अभी दस रोज़ चाँदनी के हैं। उनके बीतने पर मैं अँधेरी रात में मिलूँगी।”
दस दिन के बाद बुढ़िया ने फिर राजकुमारी को ख़बर दी तो इस बार उसने केसर के रंग में तीन उँगलियाँ डुबोकर उसके मुँह पर मारीं और कहा, “भाग यहाँ से।”
बुढ़िया ने आकर सारी बात सुना दी। राजकुमार शोक से व्याकुल हो गया। दीवान के लड़के ने समझाया, “इसमें हैरान होने की क्या बात है? उसने कहा है कि मुझे मासिक धर्म हो रहा है। तीन दिन और ठहरो।”
तीन दिन बीतने पर बुढ़िया फिर वहाँ पहुँची। इस बार राजकुमारी ने उसे फटकार कर पच्छिम की खिड़की से बाहर निकाल दिया। उसने आकर राजकुमार को बता दिया। सुनकर दीवान का लड़का बोला, “मित्र, उसने आज रात को तुम्हें उस खिड़की की राह बुलाया है।”
मारे खुशी के राजकुमार उछल पड़ा। समय आने पर उसने बुढ़िया की पोशाक पहनी, इत्र लगाया, हथियार बाँधे। दो पहर रात बीतने पर वह महल में जा पहुँचा और खिड़की में से होकर अन्दर पहुँच गया। राजकुमारी वहाँ तैयार खड़ी थी। वह उसे भीतर ले गयी।
अन्दर के हाल देखकर राजकुमार की आँखें खुल गयीं। एक-से-एक बढ़कर चीजें थीं। रात-भर राजकुमार राजकुमारी के साथ रहा। जैसे ही दिन निकलने को आया कि राजकुमारी ने राजकुमार को छिपा दिया और रात होने पर फिर बाहर निकाल लिया। इस तरह कई दिन बीत गये। अचानक एक दिन राजकुमार को अपने मित्र की याद आयी। उसे चिन्ता हुई कि पता नहीं, उसका क्या हुआ होगा। उदास देखकर राजकुमारी ने कारण पूछा तो उसने बता दिया। बोला, “वह मेरा बड़ा प्यारा दोस्त हैं बड़ा चतुर है। उसकी होशियारी ही से तो तुम मुझे मिल पाई हो।”
राजकुमारी ने कहा, “मैं उसके लिए बढ़िया-बढ़िया भोजन बनवाती हूँ। तुम उसे खिलाकर, तसल्ली देकर लौट आना।”
खाना साथ में लेकर राजकुमार अपने मित्र के पास पहुँचा। वे महीने भर से मिले नहीं। थे, राजकुमार ने मिलने पर सारा हाल सुनाकर कहा कि राजकुमारी को मैंने तुम्हारी चतुराई की सारी बातें बता दी हैं, तभी तो उसने यह भोजन बनाकर भेजा है।
दीवान का लड़का सोच में पड़ गया। उसने कहा, “यह तुमने अच्छा नहीं किया। राजकुमारी समझ गयी कि जब तक मैं हूँ, वह तुम्हें अपने बस में नहीं रख सकती। इसलिए उसने इस खाने में ज़हर मिलाकर भेजा है।”
यह कहकर दीवान के लड़के ने थाली में से एक लड्डू उठाकर कुत्ते के आगे डाल दिया। खाते ही कुत्ता मर गया।
राजकुमार को बड़ा बुरा लगा। उसने कहा, “ऐसी स्त्री से भगवान् बचाये! मैं अब उसके पास नहीं जाऊँगा।”
दीवान का बेटा बोला, “नहीं, अब ऐसा उपाय करना चाहिए, जिससे हम उसे घर ले चलें। आज रात को तुम वहाँ जाओ। जब राजकुमारी सो जाये तो उसकी बायीं जाँघ पर त्रिशूल का निशान बनाकर उसके गहने लेकर चले आना।”
राजकुमार ने ऐसा ही किया। उसके आने पर दीवान का बेटा उसे साथ ले, योगी का भेस बना, मरघट में जा बैठा और राजकुमार से कहा कि तुम ये गहने लेकर बाज़ार में बेच आओ। कोई पकड़े तो कह देना कि मेरे गुरु के पास चलो और उसे यहाँ ले आना।
राजकुमार गहने लेकर शहर गया और महल के पास एक सुनार को उन्हें दिखाया। देखते ही सुनार ने उन्हें पहचान लिया और कोतवाल के पास ले गया। कोतवाल ने पूछा तो उसने कह दिया कि ये मेरे गुरु ने मुझे दिये हैं। गुरु को भी पकड़वा लिया गया। सब राजा के सामने पहुँचे।
राजा ने पूछा, “योगी महाराज, ये गहने आपको कहाँ से मिले?”
योगी बने दीवान के बेटे ने कहा, “महाराज, मैं मसान में काली चौदस को डाकिनी-मंत्र सिद्ध कर रहा था कि डाकिनी आयी। मैंने उसके गहने उतार लिये और उसकी बायीं जाँघ में त्रिशूल का निशान बना दिया।”
इतना सुनकर राजा महल में गया और उसने रानी से कहा कि पद्मावती की बायीं जाँघ पर देखो कि त्रिशूल का निशान तो नहीं है। रानी देखा, तो था। राजा को बड़ा दु:ख हुआ। बाहर आकर वह योगी को एक ओर ले जाकर बोला, “महाराज, धर्मशास्त्र में खोटी स्त्रियों के लिए क्या दण्ड है?
योगी ने जवाब दिया, “राजन्, ब्राह्मण, गऊ, स्त्री, लड़का और अपने आसरे में रहनेवाले से कोई खोटा काम हो जाये तो उसे देश-निकाला दे देना चाहिए।” यह सुनकर राजा ने पद्मावती को डोली में बिठाकर जंगल में छुड़वा दिया। राजकुमार और दीवान का बेटा तो ताक में बैठे ही थे। राजकुमारी को अकेली पाकर साथ ले अपने नगर में लौट आये और आनंद से रहने लगे।
इतनी बात सुनाकर बेताल बोला, “राजन्, यह बताओ कि पाप किसको लगा है?”
राजा ने कहा, “पाप तो राजा को लगा। दीवान के बेटे ने अपने स्वामी का काम किया। कोतवाल ने राजा को कहना माना और राजकुमार ने अपना मनोरथ सिद्ध किया। राजा ने पाप किया, जो बिना विचारे उसे देश-निकाला दे दिया।”
राजा का इतना कहना था कि बेताल फिर उसी पेड़ पर जा लटका। राजा वापस गया और बेताल को लेकर चल दिया। बेताल बोला, “राजन्, सुनो, एक कहानी और सुनाता हूँ।”

क्रमश: